स्नातक स्तर  कला संकाय

 (बी० ए०)

 हिन्दी, संस्कृत, समाजशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, गृहविज्ञान, अर्थशास्त्र, भूगोल, उर्दू, चित्रकला...

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स्नातक स्तर  विज्ञान संकाय

 (बी० एससी० )

भौतिक विज्ञान,रसायन विज्ञान,प्राणि विज्ञान,वनस्पति विज्ञान,गणित,गृहविज्ञान,भूगोल

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स्नातकोत्तर स्तर  कला संकाय

(एम० ए० )

 हिन्दी,समाजशास्त्र,गृहविज्ञान,भूगोल.

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स्नातकोत्तर स्तर  विज्ञान संकाय

  (एम० एससी० )

प्राणि विज्ञान,वनस्पति विज्ञान, गणित, रसायन विज्ञान,भौतिक विज्ञान

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शिक्षा संकाय बी० एड०

शिक्षा संकाय बी० एड०

समस्त विषय

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डी० एल० एड० (BTC)

डी० एल० एड० (BTC)

समस्त विषय

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संस्थापक जी का सन्देश

शिक्षा समाज की नीव है|शिक्षा के माध्यम से ही मानव अपने सपने को साकार रूप प्रदान कर सकता है| गुरु छात्र का प्रथम रूप है, और छात्र गुरु का द्वितीय रूप है| गुरु के सकारत्मक सहयोग से शिष्य अपने जीवन की राह चुनने में समर्थ हो जाता है|

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प्रबन्धक सन्देश

शिक्षा समाज की नीव है| शिक्षा के माध्यम से ही मानव अपने सपने को साकार रूप प्रदान कर सकता है| गुरु छात्र का प्रथम रूप है, और छात्र गुरु का द्वितीय रूप है| गुरु के सकारत्मक सहयोग से शिष्य अपने जीवन की राह चुनने में समर्थ हो जाता है| आज भौतिकता के युग में मानव नई खोज कर रहा है|

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संक्षिप्त इतिहास

उत्तर प्रदेश के पूर्वान्चल में स्थित ग्रामीण जनपद के उत्तरांचल में मऊ जनपद के पूर्व तथा बलिया जनपद के दक्षिण पश्चिम में स्थित इस क्षेत्र में 2005 तक कोई विशाल महाविद्यालय नहीं था जिससे विज्ञान स्नातक बनने के लिये क्षेत्र के छात्र/छात्रायें निराश रहते थे | सम्पन्न लोग अपने बच्चों को दूरस्थ विश्वविद्यालयों में भेजकर विज्ञान/कला की शिक्षा दिलाते थे परन्तु समाज के अति पिछड़े व अनुसूचित जाति/ जनजाति के लिए विज्ञान शिक्षा असम्भव थी | इन्ही परिस्थितियों को देखते हुए इस महाविद्यालय की स्थापना एक अत्यन्त पिछड़े क्षेत्र में की गयी है|
जहाँ आज हजारों छात्र/ छात्रायें सफलता पूर्वक विज्ञान एवं कला संकाय से शिक्षा प्राप्त कर विभिन्न क्षेत्रों में अपनी योग्यता का परचम परचम लहरा रहे हैं | इस विद्यालय के विकास में स्थानीय जनता का अमूल्य सहयोग सदा से प्राप्त होता रहा है और आगे भी प्राप्त है |